a भरथीपुर, बलिगाँव, चन्दनपट्टी, वैशाली
Received: 25-11-2026, Revised: 12-12-2025, Accepted: 29-01-2026, Available online: 01-05-2026
भारत एक बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश है, जहाँ विभिन्न समुदायों के बीच सामाजिक एवं आर्थिक असमानताएँ विद्यमान हैं। मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय देश की दूसरी सबसे बड़ी धार्मिक आबादी है, किंतु शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास तथा सामाजिक अवसरों के क्षेत्र में यह समुदाय अपेक्षाकृत पिछड़ा माना जाता है। प्रस्तुत शोध पत्र बिहार राज्य के वैशाली जिला के पातेपुर प्रखंड में निवासरत मुस्लिम समुदाय की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय की शिक्षा, रोजगार, आय, स्वास्थ्य तथा सरकारी योजनाओं तक पहुँच की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना है। यह अध्ययन प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के तथ्यों पर आधारित है। प्राथमिक तथ्यों के लिए 100 मुस्लिम परिवारों का चयन उद्देश्यपूर्ण निदर्शन पद्धति द्वारा किया गया। अध्ययन में पाया गया कि अधिकांश परिवार निम्न आय वर्ग से संबंधित हैं तथा अशिक्षा, बेरोजगारी, असंगठित क्षेत्र में कार्य, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा सरकारी योजनाओं के सीमित लाभ जैसी समस्याएँ व्यापक रूप से विद्यमान हैं। महिलाओं की शिक्षा एवं रोजगार में भागीदारी भी अपेक्षाकृत कम पाई गई। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि सामाजिक बहिष्करण, आर्थिक संसाधनों की कमी तथा शैक्षिक पिछड़ापन मुस्लिम समुदाय के समग्र विकास में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। शोध पत्र में यह सुझाव दिया गया है कि शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार योजनाओं तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।
Keywords: मुस्लिम अल्पसंख्यक , सामाजिक पिछड़ापन, आर्थिक स्थिति, पातेपुर प्रखंड
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, मो0 हबीब (2026). मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय में सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापनः वैशाली जिला के पातेपुर प्रखंड के संदर्भ में एक समाजशास्त्रीय अध्ययन. International Journal of Basic & Applied Science Research (IJBASR), 13 (3), 8-13